आजमगढ़ में कल सजेगा सामूहिक विवाह का भव्य मंच, 800 जोड़े एक-दूसरे का थामेंगे हाथ
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 16 अक्टूबर को होगा आयोजन; मंत्री अनिल राजभर नवदंपतियों को देंगे आशीर्वाद, अपने हाथों से भेंट करेंगे उपहार

आजमगढ़, 15 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आजमगढ़ में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में लगभग 800 वर-वधू जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम सावित्री बाई फूले राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, आजमगढ़ में आयोजित होगा। समारोह को लेकर तैयारियां की जा रही हैं और आयोजन को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर मुख्य रूप से शामिल होंगे। वह नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे और अपने हाथों से उपहार भेंट कर उनके सुखद, सफल एवं खुशहाल दाम्पत्य जीवन की मंगलकामना करेंगे।
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800 जोड़ों के नए जीवन की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अनेक परिवारों के लिए खुशी और उत्साह का अवसर बनेगा। एक ही आयोजन में बड़ी संख्या में विवाह संपन्न होने से सामाजिक सहभागिता, आपसी सहयोग और सामूहिक उत्सव की भावना को बढ़ावा मिलेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि इससे पहले 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके अवशेष विकास खंडों एवं नगरीय निकायों के पंजीकृत पात्र लाभार्थियों का विवाह 16 अक्टूबर को संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मंशा के अनुरूप कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां की गई हैं।
इन विकास खंडों और नगरीय निकायों के लाभार्थी होंगे शामिल
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विकास खंड पल्हना, तरवां, लालगंज, मेंहनगर, ठेकमा, फूलपुर, पवई, मार्टिनगंज, मिर्जापुर, तहबरपुर और अहरौला के पंजीकृत पात्र लाभार्थियों का विवाह कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त मार्टिनगंज, मुबारकपुर, निजामाबाद, सरायमीर, माहुल, मेंहनगर और लालगंज नगरीय निकायों के पंजीकृत पात्र लाभार्थी भी समारोह में शामिल होंगे। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि विवाह समारोह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराया जा सके।
जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने की पहल
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है। विवाह के आयोजन में होने वाले खर्च से कई परिवारों पर आर्थिक दबाव पड़ता है। ऐसे में यह योजना पात्र परिवारों को सहायता देकर उनकी जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहायक बनती है। योजना का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना ही नहीं, बल्कि समाज में समानता, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करना भी है। सामूहिक आयोजन के माध्यम से विभिन्न परिवार एक साथ जुड़ते हैं और सामाजिक सहयोग का संदेश सामने आता है।
नवदंपतियों को मिलेंगे उपहार और शुभाशीष
जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार, समारोह में नवविवाहित जोड़ों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में आशीर्वाद दिया जाएगा और उपहार भेंट किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को व्यवस्थित, गरिमापूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराने की व्यवस्था की जा रही है। इस आयोजन से जुड़े परिवारों में अपने बच्चों के नए जीवन की शुरुआत को लेकर उत्साह रहेगा। नवदंपतियों के लिए यह दिन नई उम्मीदों, नए सपनों और साझा जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।
सामाजिक सहयोग और खुशहाली का संदेश
आजमगढ़ में आयोजित होने वाला यह सामूहिक विवाह समारोह जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार पात्र परिवारों की सहायता कर उनके जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। 16 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन सैकड़ों परिवारों के लिए यादगार अवसर बनेगा, जहां लगभग 800 जोड़े वैवाहिक जीवन की नई राह पर कदम रखेंगे और अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ नई शुरुआत करेंगे। खबर को अधिक संक्षिप्त बनाएंशीर्षक को ज्यादा आकर्षक बनाएंदोहराव वाले अनुच्छेद हटाएं







